
Activity
कठिन परिस्थितियों से सामंजस्य बैठाना ।
आपसी सहयोग की भावना बढ़ाना ।
दबाव से मुक्ति पाने का प्रयास करना।
1 विद्यार्थियों को दो समूह में बांटना। पहला समूह टीम A (बेईमान टीम) तथा दूसरा समूह टीम B (इमानदार टीम) के रूप में होगी।
2 फुटबॉल मैदान या किसी अन्य मैदान में दोनों टीमों के बीच एक फुटबॉल मैच कराना, जिसमें दोनों टीमें एक दूसरे के विपक्ष में गोल करने का प्रयास करेंगे।
3 मैदान में दोनों टीमों को आमने सामने खड़ा करना।
4 मैच में 10-10 मिनट के दो हाफ होंगे।
5 दोनों अपने- अपने कप्तान का चयन करेंगे।
6 मध्यांतर में 2 मिनट का ब्रेक होगा जिसमें दोनों टीमें अपनी रणनीति को दोबारा तैयार करने का प्रयास करेंगी।
7 मध्यांतर के बाद पिछड़ने वाली टीम दोबारा संगठित होकर गोल करने का प्रयास करेगी।
8 खेल में यह निर्णय विद्यार्थी स्वयं करेंगे कि कौन गलती कर रहा है या कौन सही है।
9 मैच के अंत में अध्यापक दोनों टीमों को बुलाकर उनसे खेल के बारे में बात करेगा और इनमें से मुख्य बिंदुओं को लिखा भी जाएगा।
यह गतिविधि दूसरे खेलों के माध्यम से भी की जा सकती है, जिसमें दोनों टीमें एक ही नियम का पालन करें।
मैच में दोनों टीमो के खिलाड़ी गोल करने का प्रयास करते हैं और अपनी गलतियों को सही ठहराने की कोशिश करते हैं। अध्यापक उन्हें बताता है कि कौन सी टीम पहले संगठित होकर नहीं खेल रही थी लेकिन दूसरे हाफ में सहयोग के साथ खेलने के कारण सफलता प्राप्त करती है। अध्यापक आपसी सहयोग के फायदे बताता है । प्रयत्न से सफलता प्राप्त करने के बारे में जानकारी देता है।वह दबाव पर ध्यान ना दे कर खेल पर ध्यान देने की बात करता है, जिससे दबाव अपने आप ही हट जाता है।
फुटबॉल, चूना पाउडर, कागज की रंग बिरंगी पताकाएं जो मैदान की सीमा का निर्धारण करने के लिए प्रयोग की जा सकती हैं।