
Activity
अध्यापक द्वारा आदर्शवाचन/गान के उपरांत छात्र द्वारा कक्षा में अनुकरण किया जाता है |कविता के भावानुसार वाचन/गान पैदा करने की क्षमता विकसित करना तथा ओजपूर्ण एवं रसपूर्ण शिक्षण बनाना |
शुद्ध उच्चारण ,उच्चरित स्वर ,उचित गति ,एवं हाव-भाव के साथ अपने भावों एवं विचारों को प्रभावोत्पादक ढंग से प्रस्तुत करना |
विद्यार्थी कविता को सस्वर पढ़ेंगे बाकि छात्र पढ़ने वाले छात्र पढ़ने वाले छात्र को सुनेंगे और स्वयं भी कविता सघोष पढ़ेंगे |
अध्यापक द्वारा छात्रों के समक्ष कविता का सघोष पठन के पश्चात बारी-बारी से सभी छात्र कविता का सस्वर पठन करेंगे जिसमें छात्रों का उच्चारणदोष ,आरोह-अवरोह ,गति ,लय आदि में भिन्नता दृश्यमान होगी |
अध्यापक स्वयं आदर्श पाठ/गान करते हुए छात्रों से आदर्श पाठ /गान करवाएँगे |
छात्र के वाचन में आने वाली त्रुटियाँ जैसे- उतार -चढ़ाव ,उच्चारणदोष ,प्रवाहमयता ,लय ,यति आदि अन्य छात्रों द्वारा या अध्यापक स्वयं उसमें सुधार करते हुए प्रस्तुत करेगा |
अध्यापक विद्यार्थियों को बिना आवाज़ निकाले पढ़ने के निर्देश देंगे जिसके माध्यम से छात्रों में स्वाध्याय की रूचि जागृत हो |
दुष्य-श्राव्य साधन
यु-ट्यूब विडीयो
पाठ्यपुस्तक