
Activity
छात्र समूह में कार्य करना सीखेंगे |
सफलता की उमंग , उत्साह और असफलता के दबाव को महसूस कर सकेंगे |
सफलता और असफलता को सहज भाव से स्वीकार कर कर्म के महत्त्व को समझेंगे |
शिक्षक छात्र संख्यानुसार एवं छात्र क्षमतानुसार छात्रों के ४/५ समूह बनाएगा | प्रत्येक समूह के छात्र एक दूसरे का हाथ पकड़ कर दौड़ेंगे | रेस के दौरान मैदान में धूल उड़ेगी,छात्रों में उत्साह होगा | विजेता समूह के छात्रों में जीत की ख़ुशी होगी | हारे हुए समूह के छात्र असफलता को को महसूस कर सकेंगे |
शिक्षक छात्रों को जीत - हार से ऊपर उठ अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रोत्साहित करेगा | हार-जीत ,सुख दुःख में एक समान रहने की सीख देते हुए कर्म के महत्व को समझायेगा |
छात्र दौड़ के इस खेल के माध्यम से पाठ के भाव को भली-भाँति समझ सकेंगे |
शिक्षक रिले रेस रेस के माध्यम से भी पाठ को समझा सकता है | शिक्षक छात्रों की संख्यानुसार उनकी क्षमताओं को देखते हुए ५,८ आदि समूह बना कर छात्रों से २०० मीटर ट्रैक पर रेस कराएगा | समूह में छात्र संख्या के अनुसार छात्रों को निश्चित दूरी दौड़ने के लिए निर्धारित कर दी जायेगी | पूर्व क्रिया की भाँति छात्र इस क्रिया में भी ,उमंग,उल्लास , समूह की जीत की ख़ुशी , असफलता का बोझ महसूस करेंगे | शिक्षक पूर्व की भांति पुनः छात्रों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा | हार-जीत ,सुख दुःख में एक समान रहने की सीख देते हुए कर्म के महत्व को समझायेगा |
छात्र समूह में एक दूसरे की मदद करना |
एकाग्रता रखना |
लक्ष्य पर नज़र रखना |
जीत या हार के बाद की भावनाओं पर नियत्रंण रखना |
दौड़ने की उपयुक्त स्थितियों का ध्यान रखना जिससे चोट आदि से बचाव हो |
खेल का मैदान , २००/१०० मीटर ट्रैक, स्पाइक्स ( दौड़ के अनुकूल जूते )