
Activity
विद्यार्थी यह जानने में सक्षम होंगे कि –
प्राचीन काल में लगभग 2500 वर्ष पूर्व इस उपमहाद्वीप के दक्षिणी तथा उत्तरी हिस्से के भागों में तीन तरह के लोग रहते थे | इनमें जो बड़े भूस्वामी थे वे वेल्लाला, साधारण हलवाहे- उणावार और भूमिहीन मजदूर, दास – कदेसियार और अदिमई कहलाते थे | गाँव का प्रधान व्यक्ति ग्राम-भोजक कहलाता था |
प्राचीन काल में लोगों ने कर अदा करने के लिए कृषि के उत्पादन को बढ़ाया, इसके लिए उन्होंने सिंचाई की योजना तैयार की फलस्वरूप किसानों को लाभ मिला और कृषि उत्पादन बढ़ा, जिससे राजस्व भी बढ़ा |
यह खेल प्राचीन काल के ग्रामीण क्षेत्रों की व्यवस्था पर आधारित है, जिसमें भूमिहीन खेतिहर मजदूर और दास वर्ग रहा करते थे | इस व्यवस्था में गाँव का प्रधान या मुखिया हुआ करता था जो ‘ग्राम भोजक’ कहलाता था | उनकी अपनी पुलिस व्यवस्था होती थी | उनका एक जनपद होता था |
इसी व्यवस्था को आधार बनाकर हम विद्यार्थियों को बिल्लस खेल खिलाएँगे, जो पैरों से लंगडी से खेला जाता है | इसमें कुल 12 खण्ड होंगे, प्रत्येक टीम में 6 खण्ड या खाने बने होंगे | प्रत्येक खाने को कोई नाम (खेत,कुआं,बुनकर इत्यादि) दिया जाएगा | इस खेल में एक विद्यार्थी गाँव का प्रधान बनेगा जो निर्णायक की भूमिका में होगा | सर्वप्रथम इस खेल के लिए दो टीमों का चुनाव किया जाएगा | टीम A खेतिहर या भूमिहीन मजदूर टीम B दास वर्ग होगी | टीम A को छोटे पत्थरों से बने नकली हरे सिक्के और टीम B को नकली लाल सिक्के दिए जाएंगे | गाँव का प्रधान या भोजक बारी-बारी से दोनों टीमों को खेलने के लिए भेजेगा | पहले किस टीम के खिलाड़ी को खेलने भेजना है यह प्रधान के पर करेगा | मान लीजिए टीम A का खिलाड़ी पहले खेलने गया तो वह खेल के दौरान बिल्लस के प्रत्येक खण्ड में छोटे पत्थर के नकली हरे सिक्के को फेंकेगा और पूरे 6 खंडो को सफलता पूर्वक पार कर लेगा फिर उसे थोड़ा आराम (Rest) करने दिया जाएगा | इसके बाद वही खिलाड़ी अगली टीम के 6 खंडो को पार करेगा | सफलता पूर्वक ऐसा करने पर विजेता खिलाड़ी गाँव के प्रधान से खेत कुआं इत्यादि कुछ भी इनाम के तौर पर मांग सकता है | दोनों टीमों के खंडो के बीच में पुलिस की व्यवस्था है | जो हारा हुआ खिलाड़ी होगा मतलब उसने राजा के आदेश की अवहेलना की तो वह पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया जाएगा |
इस प्रकार बाद में टीम B को खेलने का मौक़ा दिया जाएगा |
अंत में जिस टीम के पास प्रधान के द्वारा दिए गए सबसे ज़्यादा खेत,कुएं इत्यादि होंगे उसे विजेता टीम घोषित किया जाएगा |
इसी एक्टिविटी को हम खो-खो खेल के साथ भी करवा सकते हैं | टीम A और B के स्थान पर दो पालियों में यह एक्टिविटी उसी प्रकार होगी जिस प्रकार खो-खो में खिलाड़ी खेलते हैं | इस एक्टिविटी में खिलाडियों के नाम खेतिहर मजदूरों के नाम पर या जगहों के नाम पर बुनकर, लोहार, बड़ई, खेत, कुआं इत्यादि होंगे |
विद्यार्थियों को इस एक्टिविटी के दौरान खिलाड़ी भावना के साथ खेलने की प्रेरणा देते हुए खेल-खेल में अध्याय को सीखने हेतु प्रेरित करना |
टीमों के स्थान दर्शाने और टीमों को नाम देने के लिए चाक पाउडर या चूना पाउडर, कागज़, मार्कर, हरे और लाल रंग में रंगे हुए छोटे-छोटे पत्थर और कुर्सी या बेंच |